व्यपार

औधोगिक दृष्टि से जनपद कानपुर का हमारे देश एवं प्रदेश में एक विशिष्ट स्थान है| स्वतंत्रता के पूर्व की प्रमुख छावनी होने के कारण कानपुर नगर में सैनिक आपूर्ति एवं टेक्सटाइल्स उधोग प्रमुख रूप से स्थापित हुए और तत्कालीन समय में भारत का मैनचेस्टर कहलाने का गौरव प्राप्त किया| धीरे=धीरे अवस्थापना सुविधाओं, उधमिता विकास, विधुत आपूर्ति में व्यवधान एवं आधुनिकतम तकनीकी न अपनाए जाने के कारण यह नगर अपना वैभव बनाए नही रख सका| टेक्सटाइल मिल एक-एक करके बंद होते गये एवं विभिन्न उत्पादों के उधोग, मसाले, होज़री, रेडीमेड वस्त्र, प्लास्टिक उधोग, पान मसाला, आदि के क्षेत्र में अधिकाधिक संख्या में जनपद में उधोग स्थापित हुए| 31 मार्च 2007 तक कुल 16939 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष / अप्रत्यक्ष रोज़गार पाप्त हुआ|
ब्रह्द एवं मध्यम उधोग
जनपद में बड़े एवं मध्यम स्तर के उधोग प्रमुख रूप से लेदर एवं लेदर शू, शू अपर, वेजितब्ले आयल, टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, शुगर मिल, पार्टीकल बोर्ड, न्यूज़ पेपर, प्रिंटिंग इंदुस्ट्री आदि मिलाकर कुल 76 बड़े मध्यम उधोग स्थापित है, जिनमे रू० 2834.28 करोड़ रू० का पूंजी विनियोजन किया गया है एवं 54851 व्यक्तियों को रोज़गार प्राप्त हुआ है|………………………….More